मनोरंजन के साथ स्वच्छता संदेश लिए ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’

रियल मुद्दों पर फिल्म बनाने वाले अक्षय कुमार एक बार फिर समस्या प्रधान और मनोरंजक फिल्म लेकर आए हैं टॉयलेट एक प्रेम कथा

यह फिल्म गांव में रहने वाले केशव ( अक्षय कुमार) और जया (भूमि पेडनेकर) की प्रेम कहानी पर आधारित है।  गांव में रहने वाला केशव मांगलिक है जिस कारण से की शादी नहीं हो रही है।  इसी दौरान उसकी मुलाकात जया से होती है पहली ही नजर में केशव और जया को आपस में प्यार हो जाता है दोनों की लव स्टोरी आगे बढ़ते हुए शादी तक पहुंचती है यहीं से कहानी में ट्विस्ट आता है शादी के बाद जब जया अपने ससुराल पहुंचती है तो उसे पता चलता है कि घर में टॉयलेट नहीं है, टॉयलेट नहीं होने की वजह से केशव अपनी पत्नी को कभी किसी के घर तो कभी किसी के घर लेकर जाता है। इसी बात से तंग आकर जया उस घर में रहने से मना कर देती है और तलाक के लिए अर्जी लगा देती है।

 

फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है। जैसा कि कहानी गांव की है ऐसे में सभी सीन्स रियल लोकेशन पर पिक्चराइज्ड किए गए हैं। फिल्म में एक खास मुद्दे की तरफ आपका ध्यान आकर्षित होता है, हममें से कइयों के लिए घर में टॉइलट होना भले कोई बड़ी बात न लगती हो, लेकिन यह एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि आज भी हमारे देश में 58% भारतीय खुले में शौच के आदी हैं

यह पूरी व्यंग्य भरी कहानी अक्षय कुमार के कंधों पर टिकी है। एक बार फिर अक्षय अपने शानदार परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार हैं। फिल्म में अक्षय की एक्टिंग कमाल की है। वहीं भूमि ने भी उनका बखूबी साथ दिया है। कहानी दोनों के इर्द-गिर्द है ऐसे में पूरा फोकस इन पर रहता है। बाकी स्टार्स अनुपम खेर, सुधीर पांडे, देवेंदू शर्मा, अतुल श्रीवास्तव का काम अच्छा है। परफॉरमेंस के हिसाब से फिल्म बढ़िया है।

फिल्म  का फर्स्ट हाफ काफी मनोरंजक है और फिल्म का सेकंड हाफ इस मुख्य समस्या का कारण बताता है और इसके कारण काफी लेक्चरबाजी भी होती है और मीनिंगफुल मैसेज देती है।

 

अगर आप रियल मुद्दों पर सोशल ड्रामा फिल्म देखना पसंद करते हैं तो आप ये फिल्म देख सकते हैं।

Rating 4/5

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